Description
देश के लिए जीना है देश के लिए मरना है जय जवान , जय किसान जय विज्ञानं 'अटल संकल्प तथा अन्य लेख ' वर्तमान परिवेश एवं आध्यात्मिक यात्रा का दर्पण है। हर व्यक्ति परिस्थित का दास होता है। भौतिक जगत में रह कर राष्ट चिंतन अनिवार्य है। समता मूलक समाज की परिकल्पना देश को समृद्ध बनाती है। सर्वकल्याण की अवधारण सदैव से सर्व प्रिय , कवि अजात शत्रु श्रेष्ट वक्ता भूतपूर्व प्रधान मंत्री माननीय अटल बिहारी बाजपेयी की रही है। मेरी बचपन से लेकर आजतक उनके प्रति श्रृद्धा रही है। मैंने उनके भाषणों को सुना है। वह विश्वविख्यात लोक प्रिय नेता थे। राष्ट सदैव उनका ऋणी रहेगा ।
